फ़ाशीवाद की सुरंग में मृत भाई से मुलाकात
स्मृतिशेष : कुंवर नरेंद्र प्रताप सिंह कुंवर नरेंद्र प्रताप सिंह मेरे भाई थे। मेरी तीसरी फुआ के बेटे। मेरे पिता उनके मामा थे। मां के पक्ष से उनकी और पिता के पक्ष से मेरी शिराओं में बहने-दौड़ने वाला रक्त एक ही था। निकट और सगे संबंधों को प्रगट करने के लि...
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Uday Prakash
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[12 Jul 2009 23:55 PM]



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