'जिहाले-मिस्किन मकुन तग़ाफुल' इस बार फ़रीद-अयाज़ क़व्वाल की आवाज़ में ।
पिछले हफ्ते 'रेडियोवाणी' में हमने हज़रत अमीर ख़ुसरो की रचना 'ज़िहाले मिस्कीन मकुन तग़ाफुल' छाया गांगुली की आवाज़ में सुनवाई थी । और आपको ये भी बताया था कि हमारी इच्छा है इस रचना को अलग-अलग कलाकारों की आवाज़ों में सुनवाया जाए । रेडियोवाणी पर फ़रीद-...
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yunus
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[12 Jul 2009 03:49 AM]



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