निरावेशन की शून्यता मंजूर नहीं --
तुम प्रोटोन मैं इलेक्ट्रोन तुम्हारा आकर्षण खींचता है मुझे तुम्हारी ओर अनवरत; निरंतर पर मैं आर्बिट से आबध्द तुम्हारी ओर आ भी तो नहीं सकता . तुम आवेशित; मैं आवेशित फिर बीच में क्यों है न्यूट्रोन निरावेशित उफ़! मैं तुमसे दूर जा भी तो नहीं सकता शायद, तुम...
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M VERMA
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[11 Jul 2009 07:11 AM]



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