मकां को कभी घर बनाया होता

कवितायन यह मैं भली भांति जानता हुँ, कि मेरे शौक में अकविता-कविता लिखना रहा है। धीरे-धीरे अंतरजाल पर गज़अलों को पढते हुये और गुरूजी श्री पंकज सुबीर सा. की कक्षाओं से जो कुछ सीखा उसे आजमाने की कोशिश की है। आप सभी के विचार / सुझाव चाहूँगा। सादर, मुकेश कुमार तिव... [पूरी पोस्ट]
writer मुकेश कुमार तिवारी
views
22
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
14
[11 Jul 2009 04:32 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix