प्यार

क्षितिज प्यार मुक्ति है बंधन हीन,स्वतंत्र, उतार केंचुली, निरवस्त्र,बाधा नहीं, पारदर्शी अरहस्य। प्यार एक समर्पण है, अबाध आकर्षण, मिटने में ही जीवन, निःशब्द अबंधन। प्यार मीरा सी दीवानी, तर्क नहीं केवल पूजन, राधा बंशी की अनुगामी। प्यार, शक्ति है अजेय जया सी, अं... [पूरी पोस्ट]
writer उषा वर्मा
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[10 Jul 2009 10:26 AM]

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