राग मल्हार...
आज सुबह से ही मौसम कुछ खुशगवार लग रहा था। भगवान भास्कर बादलों की ओट ले ले कर आंख मिचौली खेल रहे थे। ठंडी हवा तन मन को शीतल किए जा रही थी। सावन लगने के बाद यह पहली सुबह थी जो सावन की सी लग रही थी। सावन हमारे कवियों, फिल्मकारों, और संगीतकारों के लिए बड...
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vikas vashisth
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[10 Jul 2009 08:40 AM]



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