बरसो रे मेघा

सचिन मिश्रा 08 वीरवार को बादल छाए उमड़े-घुमड़े और बिना बरसे ही चले गए। उत्तर भारत में बिना बारिश के कृषि सूख रही है। किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। आसमान की ओर टकटकी लगाए देखता किसान शायद यहीं दुआ कर रहा है कि अब तो बरस... [पूरी पोस्ट]
writer सचिन मिश्रा
views
20
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
4
[09 Jul 2009 16:31 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix