बोलो न ? क्या है राज़?
मैं जानना चाहता हूँ तुम्हारी हर मुस्कराहट का राज़........ कैसे तुम उड़ा देती हो? सिर्फ़ एक हँसी में मेरी ज़िन्दगी की परेशानियों को बेआवाज़ । मुझे तपती धूप में भी होता है ठंडक का एहसास तुम्हारे साथ। कैसे झाँक लेती हो? तुम मेरे अन्दर और देख लेती हो उन न...
[पूरी पोस्ट]
महफूज़ अली
28
3
0
3
6
[09 Jul 2009 12:18 PM]



Shuffle








