सावन के बहाने ...
सावन के बहाने अश्कों को हम बहा आए आसमां से दर्द का इक रिश्ता निभा आए सुलगते अरमानों को धुआं बनाकर घटाओं के परिंदों को हम उड़ा आए अश्कों की बूंदों से नमी को जब्ज कर बादलों के दिल की आब पाशी करा आए जज्बा-ए-दिल की शमा को पिघलाकर बरसते सावन में दर्द को हम...
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अर्चना तिवारी
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[09 Jul 2009 10:30 AM]



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