शब्द ऐसे हों

हिमाल : अपना-पहाड़ शब्दों, आडंबर छोड़ो अपने सच्चे-सरल-सीधे रुप में उतरो सरल अर्थ सादगी से भरे हों सीधे ह्रदय को छू लो।। शब्दों, घृणा त्यागो प्रेम रस बहाओ मधुरता भरकर कड़वाहट हर लो।।... [पूरी पोस्ट]
writer जितेंद्र भट्ट

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[09 Jul 2009 10:15 AM]

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