चंद मुलाकातों का साया
कुछ यादें , कुछ बातें गुरु की। एक तगड़ा शरीर, एक कड़क आवाज़ और एक सांवला चेहरा जब कफ लगे हुए सफेद कुर्ता पाजाम पहनकर निकलता था तो छात्र ही क्या, टीचर भी अपनी अपनी क्लास में घुस जाया करते थे। जिस दिन नही आए तो समझो बच्चों और टीचरों की मौजा ही मौजा। कोई...
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सुशील कुमार छौक्कर
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[08 Jul 2009 01:19 AM]



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