एक अनुरोध .....
यह सितारों भरी रात फ़िर हो न हो आज है जो वही बात फ़िर हो न हो एक पल और ठहरो तुम्हे देख लूँ कौन जाने मुलाकात फ़िर हो न हो । हो गया जो अकस्मात फ़िर हो न हो हाथ में फूल सा हाथ फ़िर हो न हो तुम रुको इन क्षणों की खुशी चूम लूँ क्या पता इस तरह साथ फ़िर हो न हो ।...
[पूरी पोस्ट]
डॉ. मनोज मिश्र
48
5
0
5
25
[07 Jul 2009 08:15 AM]



Shuffle








