नियोक्ता से अपील!
निजी कंपनी में कर्मचारी और मैनेजमेंट का रिश्ता वैसा ही है जैसे जनता और सरकार का। कल्याण के फॉर्मूले होते हैं अमल नहीं। योजना है लेकिन अमलीजामा हरचरना के सुथन्ने की तरह फटा है। लोकतंत्र की ज़मीन पर सरपट दौड़ते और फलते-फूलते कॉरपोरेट में भी सामंती विचा...
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मधुकर राजपूत
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[07 Jul 2009 02:38 AM]



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