“वग़ैरह” के भीतर और बाहर
प्रमोद वर्मा स्मृति समारोह पर विशेष हमारे बौद्धिक प्रवर कनक तिवारी जी का छत्तीसगढ़ में प्रकाशित लेख (29 जून, 2009) पढ़कर मुझे भी कुछ कहने का अवसर मिल रहा है । आपने प्रमोद वर्मा पर सोलह आने सच लिखा है कि हम सबने और सरकार ने भी उन्हें लगभग बिसार दिया थ...
[पूरी पोस्ट]
जयप्रकाश मानस
21
1
0
1
0
[06 Jul 2009 23:26 PM]



Shuffle








