तूने मोह लिया इलाहाबाद - 7

और जाओ... जला कर राख कर दो वैशाली को इस आग में.... अगले दिन 9 जून थी, 8 जून की रात शादी थी, हम थककर चूर थे। हमारे पास एक ही दिन बचा था जिसमें हमें संगम, आनंद भवन और सिविल लाईंस जाना था। हम 12 बजे सोकर उठे और नहा धोकर आनंद भवन की ओर चले, हमने अपने आपको मामी की नजरों से बचा कर रखा जो कम से कम दो बार खा... [पूरी पोस्ट]
writer sushant jha
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[06 Jul 2009 11:12 AM]

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