कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात
गतांक से "मौत पर कुछ कविताएँ" (2) " तेरा इंतजार " तुझसे मेरा साक्षात्कार तो नहीं हुआ मृत्यु फिर भी अपने चहुँ और करता ही रहता हूँ एहसास तेरा पर मैं तेरा स्वरूप देखने की उत्सुकता से बार-बार विमुख हो जाता हूँ एक निशिचत मिलन को टालने की इच्छा लिये करने ल...
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©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah)
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[06 Jul 2009 05:17 AM]



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