अरे भाई! धारा 377 बनाई ही क्यों थी...???

दरबार-ए-जालिम समलैंगिक संबंधों पर आजकल बहस जोरों पर है. मुद्दा भी कुछ ऐसा ही है. भारत जैसे देश में इतनी जल्दी गे-सेक्स की छूट मिलने के आसार नहीं लग रहे थे लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के समलैंगिकों के हक़ में फैसले से अचानक क्रन्तिकारी बदलाब आ गया. क्रन्तिकारी इसलिए क्यो... [पूरी पोस्ट]
writer SUNIL DOGRA जालि‍म
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[05 Jul 2009 16:10 PM]

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