विश्व गुरू होने का ढिंढ़ोरा पीटने वालों – सूरजपाल चौहान
विश्व गुरू होने का ढिंढ़ोरा पीटने वालों – सूरजपाल चौहान
( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata)
शब्दों के कुछ समूह हमारी चेतना पर अचानक एक हथौडे़ की तरह पड़ते हैं, और हमें बुरी तरह झिंझोड़ डालते हैं. दरअसल हथौडे़ की तरह पड़ने और बुरी तरह झिं...
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रवि कुमार, रावतभाटा
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[04 Jul 2009 11:16 AM]



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