सावन के सुर मधुर सुन ..

कर्मवीर अभी सावन आनें में चार दिन बाकी हैं , परन्तु जब वर्षा ऋतु आती है तो सावन के झूलों की याद बरबस हो आती है , सारा आलम मस्ती में गुनगुनानें लगता है ..................................... आया मस्त मतवाला सावन फुहारों की रिमझिम बूंदों की गुन गुन बरखा के सुर... [पूरी पोस्ट]
writer अर्चना तिवारी
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[04 Jul 2009 06:51 AM]

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