कृतज्ञ हूं मैं ….

अनहद नाद प्रियंकर की एक कविता कृतज्ञ हूं मैं कृतज्ञ हूं मैं जैसे आसमान की कृतज्ञ है पृथ्वी जैसे पृथ्वी का कृतज्ञ है किसान कृतज्ञ हूं मैं जैसे सागर का कृतज्ञ है बादल जैसे नए जीवन के लिए बादल का आभारी है नन्हा बिरवा कृतज्ञ हूं मैं जिस तरह कृतज्ञ होता है अपने मे... [पूरी पोस्ट]
writer PRIYANKAR
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[02 Jul 2009 03:39 AM]

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