8, 14, 17, 25, 28, 38…100….???
अब जब गृह मंत्रालय ने सार्वजनिक कर दिया है कि उसके ऊपर 10 नए राज्य बनाने का दवाब बढ़ रहा है। ऐसे में ये बहस उठना लाजिमी है कि व्यक्तिगत और जातिगत राजनैतिक महत्वकांक्षा को जन कल्याण का जामा पहनाकर देश को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटना कहां तक जायज है। म...
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Rajiv K Mishra : Roam-antic Realist
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[01 Jul 2009 10:07 AM]



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