कुछ नगमे .... उनकी आवारगी में ...

काव्य संग्रह मोहब्बत की बनी बुनियाद पर , चलता रहा हरदम , कोई दिलवर नहीं मिलता , यही कहता रहा हरदम | तुम्हारे इश्क की खामोशियाँ , सहना गवारा है , गवारा है नही मुझको , अभी चुपचाप यूँ हरदम | हुस्ने - गुलशन की खुशबू में , मैं अक्सर डूब जाता हूँ , तुम्हारी मुस्कुराहट... [पूरी पोस्ट]
writer Ravi Shankar Sharma
views
22
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[01 Jul 2009 08:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix