लहर की खामोशी
लीजिये पढ़िये आज वो गज़ल जिस के एक शेर को गुरु जी के ब्लॉग पर आयोजित तरही मुशायरा में हासिल-ए-मुशायरा का खिताब मिला। इस मुशायरे में आई सभी गज़लो के रचनानाकार का नाम ना बताते हुए स्वनामधन्य श्री प्राण शर्मा जी के पास हासिल-ए-मुशायरा का खिताब हेतु चुनने...
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कंचन सिंह चौहान
गज़ल
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[01 Jul 2009 04:08 AM]



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