अगर तुम...एक बार....

तेरे नाम........यही तो है। जानवर*~*~*~*~*~*~* मेरी जिन्दगी का तसव्वुर मेरे हाथ की लकीरे, इन्हें काश तुम बदलते तो कुछ और बात होती. ये खुले-खुले से गेसू, इन्हें लाख तुम संवारो, मेरे हाथ से संवरते तो कुछ और बात होती. मैं तेरा आईना था, मैं तेरा आईना हुँ, मेरे सामने संवरते तो कुछ औ... [पूरी पोस्ट]
writer गोविन्द K. प्रजापत "काका" बानसी

वो तेरा नाम था.....

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[30 Jun 2009 07:51 AM]

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