पानी और बुलबुला

रचना का स्वप्निल सृजन आपको पता है प्रकृति बोलती है । ये चांद सितारे,हवा,पानी,फूल,पत्थर सभी आपस में बातें करते हैं । ऐसी बातें जिनकी न तो कोई भाषा होती है,और ना ही शब्द । हमें सुनायी देती है तो एक हल्की गूंज जिसे हम इनका शोर समझते है । यक़ीन नहीे होता तो सुनिये पानी और बुल... [पूरी पोस्ट]
writer रचना गौड़ ’भारती’

लघु कथा

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[29 Jun 2009 12:20 PM]

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