sandhya gupta
सूर्य का गोला आसमान पे उजले रंग से लिखता है - सुबह और चमक उठती हैं इस धरती पर जल की तरंगें जीवन के रंगों से भर कर तरोताजा हो उठती है हवा किरणों से नहा - धोकर हल - बैल लिये किसान उतर पड़ते हैं खेतों में नई उमंग के साथ नई फसल बोने को निकल पड़ती हैं चींटि...
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sandhyagupta
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[27 Jun 2009 12:48 PM]



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