एक बार
अपनी ज़िन्दगी को छोड़कर अपनी हर खुशी को छोड़कर जो बैठे है बस एक तेरा नाम लेकर एक बार उनकी तरफ़ भी आंखे उठाकर मुस्कुराकर देख लो देखना फिर न जाने कितनी आंखे जगमगाती है न जाने कितने चेहरे खिल जाते है और न जाने कितनी जिन्दगियाँ संवर जाती है -तरुण...
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tarun
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[26 Jun 2009 19:03 PM]



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