एक गीत : देवता बनना कहीं आसान है....

गीत  ग़ज़ल  औ गीतिका देवता बनना कहीं आसान है ,बोझ फूलों का उठाना ही कठिन | डूबने को हर किनारे मिल गए पार लगाने का नहीं कोई किनारा कल जो अपने थे पराए हो गए गर्दिशों में जब रहा मेरा सितारा दीप बन जलना कहीं आसान है,उम्र भर पीना अँधेरा ही कठिन जिंदगी अनुबंध में जीते रहे फूल... [पूरी पोस्ट]
writer आनन्द पाठक

गीत

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[26 Jun 2009 10:50 AM]

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