उनका उनके पास
जैसा तय था और उस दिन कुछ युवाओं की मांग थी कि २० जून को त्रिवेणी कलाकेंद्र में पढ़ी गयी कविताओं को यहां पोस्ट करूं तो उसी की आपूर्ति में दो कविताएं यहां एक के बाद एक प्रस्तुत हैं। वैसे ये कविताएं 'संवेद' (संपादक : किशन कालजयी, राजीव रंजन गिरि, अंक सित...
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Uday Prakash
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[26 Jun 2009 10:09 AM]



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