वह तोड़ती ईंट…
बहुत मज़ा आता था उसे पत्थर मारने में । हम बच्चों की टोली पत्थर मारते हुए जब तक उसे गली के बाहर नहीं खदेड़ देती,जब तक चैन नहीं लेती थी। वो भी पलट-पलट कर दौड़ाती थी। बहुत अच्छा लगता था चूहे-बिल्ली के खेल जैसा। वह अक्सर तीसरे-चैथे दिन आती और गली-मोहल्ले की...
[पूरी पोस्ट]
satyanshu
19
3
0
3
3
[26 Jun 2009 03:45 AM]



Shuffle








