ये भी सबको कहां मिलता है ?

हिमाल : अपना-पहाड़ चलो जीतने दो उसको आज नहीं दौड़ना मुझको उसे खुश होने दो आज मुझे हार जाने दो ।। चलो रंग भर दो उसके फलक पर मेरे हिस्से के भी सारे मुझे थोड़ा सा काला और सफेद दे दो ।। सुर उसके कानों में भर दो सारेगामापा सारे मुझे सुनने दो वक्त की कड़वी तान ।। उसकी सुबह क... [पूरी पोस्ट]
writer जितेंद्र भट्ट

मेरी रचना

views
21
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
3
[25 Jun 2009 12:54 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix