ये भी सबको कहां मिलता है ?
चलो जीतने दो उसको आज नहीं दौड़ना मुझको उसे खुश होने दो आज मुझे हार जाने दो ।। चलो रंग भर दो उसके फलक पर मेरे हिस्से के भी सारे मुझे थोड़ा सा काला और सफेद दे दो ।। सुर उसके कानों में भर दो सारेगामापा सारे मुझे सुनने दो वक्त की कड़वी तान ।। उसकी सुबह क...
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जितेंद्र भट्ट
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[25 Jun 2009 12:54 PM]



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