उन्हीं के साथ विश्वासघात कर के निकल भागूँ ?

काकोरी के शहीद पिछली कड़ी में..निश्चित किया कि अब भाग चलूं । पाखाने के बहाने से बाहर निकाला गया । एक सिपाली कोतवाली से बाहर दूसरे स्थान में शौच के निमित्त लिवा गया । दूसरे सिपाहियों ने उससे बहुत कुछ कहा कि रस्सी डाल लो । उस ने कहा मुझे विश्वास है यह भागेंगे नहीं । अ... [पूरी पोस्ट]
writer डा. अमर कुमार
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[24 Jun 2009 15:09 PM]

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