Dard..............

RHYTHM OF LIFE...listen it from heart. जाने कैसा दर्द है... की मुझे दर्द का एह्सास नहीं.. जले ज़ख्मों पे नमक कौन छिड़कता है... जिस्म छिलने से मुझे कहां दर्द होता है... मेरे रिसते जख्मों को मरहम की तलाश नहीं.... सूनी वीरान आंखें... अब बंजर हो चली हैं.. होने दो अब दर्द की बारिश.... ज़िंदा रहने... [पूरी पोस्ट]
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अनकहे बोल....Emotions...

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[24 Jun 2009 13:49 PM]

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