परमिंदर के इंतजार में ठहरा हुआ समय

KISHORE CHOUDHARY पोल के साथ कामुक चेष्टाओं वाले नृत्य और 'टोईंग' अधोवस्त्रों के काल से भी कई साल पूर्व एक पूरी पीढी बचपन से पीछा छुड़ाने के लिए छटपटा रही थी, ये उन्ही दिनों की बात है। बेचैनी हर तरफ़ थी अवसाद एक प्रमुख बीमारी बन कर उभर चुका था। स्त्री-पुरूष उम्र के चाह... [पूरी पोस्ट]
writer Kishore Choudhary

दिल-ए-नाकाम

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[24 Jun 2009 02:00 AM]

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