अब भी मन करता है

Chashmebaddoor तुम्हारा हाथ थामकर चलने को अब भी मन करता है कनखियों से झांककर तुम्हारी मुस्कान चुरा लेने को अब भी मन करता है मन करता है अब भी कि एक छतरी में भीगने से बचने की नाकाम कोशिश करते रहें एक दूसरे से सटे हुए किसी पेड़ के नीचे खड़े रहें न जाने किन किन बातों प... [पूरी पोस्ट]
writer अपराजिता
views
20
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
4
[22 Jun 2009 01:46 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix