माँ छांव तो बाप कड़ी धूप

खुली खिड़की जब भी पिता ने हमको मारने की कोशिश की, मां बीच में दीवार बन खड़ी हो गई। हमारे तन पर पड़ने वाली लठें उसने अपने तन पर सही। हमारे बचाव में जब भी मां उतरती तो पिता के मुँह पर एक बात होती थी कि 'माँ बिगाड़ती है और पिता संवारता था'। पिता के इन शब्दों से मैं कु... [पूरी पोस्ट]
writer कुलवंत हैप्पी
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[21 Jun 2009 07:21 AM]

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