पापा जैसा कोई नहीं...
भगवान का दूसरा रूप हैं पिताजी। कर्तव्य और जिम्मेदारियों से लदी जिंदगी को अपने कंधों पर ढोने वाले व्यक्ति की दासता को कौन भूल पाया है। उन्हें हर पल याद किया जाता है। चाहे वे दुख हो या सुख। मैं भी कहता हूं कि मेरे पापा भगवान है। दुनिया में यह बात सभी ल...
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manoj
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[21 Jun 2009 04:42 AM]



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