तुम्‍हारे गम

Tamanna कई बार, बहुत बार छिपाया है, दबाया है, अपनी गलतियों को। पेड़ों पर कूद-फांद करते जब, फट जाती थी फ्रॉक, चुपके से आकर, कभी गेहूं की बडी़ ढेरी में तो कभी किसी संदूक में सबसे नीचे, छिपाया है दबाया है। टूटे हुए कांच के बर्तनों को, नई पेंसिल के ढेर से छिलकों... [पूरी पोस्ट]
writer Sonalika
views
27
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
5
[20 Jun 2009 04:09 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix