सिद्धांतो की पत्रकारिता के लिए समाज से नहीं मिल रही ताकत-पद्मश्री अभय छजलानी
जब तक समाज खुद जागृत नहीं होता तब तक न तो राजनीति सकारात्मक और सैद्धांतिक हो सकती है और न ही मीडिया सिद्धांतो की पत्रकारिता कर सकती है। सिद्धांतों की पत्रकारिता के लिए आज भी जगह है लेकिन समाज से ताकत नहीं मिल रही है। मानों समाज निष्क्रिय हो गया है। प...
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EDHAR HAI
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[19 Jun 2009 11:00 AM]



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