* जीवन को तू बना बहार * (~जयंत)

Jayant Chaudhary मन के जीते जीत है , और मन के हारे हार, मन चाहे तो पतझड़ भी, बन जाए बसंत बहार ... सुख दुःख का तो लगा रहेगा , जीवन में मेला बारंबार , अश्रु बहा के व्यर्थ ना करना , तू अद्भुत जीवन - उपहार ... जैसा मन चाहे तू जी ले , मन को तू कभी मत मार , जीवन का अनुपम अ... [पूरी पोस्ट]
writer Jayant Chaudhary
views
28
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
12
[17 Jun 2009 23:53 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix