बंगाली लोक गीत

LOKRANG आमि स्वप्ने देखि मधुमालार मुख रे स्वप्न जोदि मिथ्या रे होइतो गलार हार की बोदोल होइतो रे लोकजन। स्वप्न जोदि मिथ्या रे होइतो अंगुरी की बोदोल होइतो रे लोकजन। मदनकुमार जात्रा कोरे, मस्तुल भांग्या पानित पोड़े रे, लोकजन।। आमि स्वप्न देखि मधुमालार मुख रे।।... [पूरी पोस्ट]
writer pritima vats
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[16 Jun 2009 12:16 PM]

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