आँठवा अखबार

देर रात मालिनी आईने के सामने बैठी रही.. आने वाले मेहमान को निहार रही है.. बगल वाले कमरे के दरवाजे के खटखटाने की आवाज़ से बेखबर.. जानती है कि थोडी देर बाद ये आवाज़ बंद हो जायेगी.. रात और लम्बी होती जा रही है.. मालिनी सोने की कोशिश कर रही है.. वो जानती... [पूरी पोस्ट]
writer कुश
views
75
upvote
14
downvote
0
rating
14
comments
25
[16 Jun 2009 09:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix