ईश्वर की रचना

परिचर्चा बेकार की लफ्फाजी ही करनी है ना! तो कर देंगे. और बन जायेगी एक कविता. बिन अर्थ, बेकार. ऐसा नहीं है. हर लिखे हुए शब्द का एक अर्थ होता है. ठीक उसी तरह, जैसे कि विश्व में हर जीव का. विश्वास नहीं होता, कि कुछ मनुष्य सिर्फ मिटाने के लिए बनाये जाते होंगे, स्... [पूरी पोस्ट]
writer कौतुक (Kaotuka)

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[16 Jun 2009 08:27 AM]

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