आततायी शहर की तरफ़ आ रहे हैं --

TRUTH (Collection of my poems) क्या कहा? आततायी शहर की तरफ़ आ रहे हैं वे शहर लूटने के मनसूबे बना रहे हैं पर वे तो अभी बहुत दूर हैं मेरे बाजुओं पर यकीन करो उनके मनसूबे मैं चूर-चूर कर दूँगा मुँह-हाथ मैं ज़रा धोने जा रहा हूँ बहुत थका हूँ मैं ज़रा सोने जा रहा हूँ। हालात पर तुम नज़र रखन... [पूरी पोस्ट]
writer M VERMA
views
15
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
13
[15 Jun 2009 20:15 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix