कुछ बाते जो समझ के बहार है. परन्तु फिर भी हम सबसे बड़े लोकतंत्र के मालिक है?
ए़सी बहुत सी बाते जो आपकी भी समझ में नहीं आती होंगी. आज में भी वो सभी बातें आपके साथ बाँटने आया हूँ। कभी कभी लगता है की हमे बस हांका ही जा रहा है और हम हंक रहे है एक भेडो और बकरियो के समहू की तरह. बात करते हैं सिलसिलेवार की यह सब हो क्यों रहा है। मुझ...
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त्यागी
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[15 Jun 2009 06:20 AM]



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