हमने 'भारत के गोर्की' का घर देखा .....

UDAY PRAKASH मैंने मुंशी प्रेमचंद को नहीं देखा। जब मेरा जन्म हुआ, उसके सोलह साल पहले उनकी मृत्यु हो चुकी थी। जब मैं कुछ लिखने-पढ़ने और समझने लायक हुआ, तब से मैंने उनकी कहानियां पढ़नी शुरू कीं| उनकी कहानियां और उपन्यास पढ़ते हुए कई-कई बार उनसे मिलने का मन होता था।... [पूरी पोस्ट]
writer Uday Prakash

हमारा समय

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[15 Jun 2009 06:09 AM]

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