पागलपन

I'm Vikash & this is my world...! जब मैं जागूँ और तुम्हारा हँसता हुआ गीला चेहरा मयस्सर हो. तुम्हारे बालों से टपकती बूँदे, मेरे गालों को चूमती दिखें. और बिछावन की सिलवट पर कल रात वाला गुलाब सूखता हो. और तुम्हारी आँखों में प्यार भरी शिकायत हो - कि ठंडी होती चाय बनाने के लिए तुमने कितनी... [पूरी पोस्ट]
writer विकास कुमार
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[15 Jun 2009 03:25 AM]

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