शास्त्रों के अनुसार वर्ण व्यवस्था - भाग १
अद्वेष्टा सर्वभूतानाम् मैत्रः करुण एव च। निर्ममो निरहंकारः समदु:खसुखः क्षमी॥ संतुष्टः सततं योगी यतात्मा दृढ़निश्चयः। माय्यर्पितमनो बुद्धिर्यो मद्भक्तः स में प्रियः॥ अर्थात् जो सभी जीवों (भूतों) के प्रति द्वेष भावः से विहीन हैं, जो सभी के लिए मित्रवत...
[पूरी पोस्ट]
Sudhir (सुधीर)
44
9
0
9
2
[13 Jun 2009 22:06 PM]



Shuffle








