हो सके तो माफ कर देना...

गली करतार सिंह हो सकता है आज सुबह आप जब चाय की चुस्कियों के साथ अखबार पढ़ रहे हों तो ये खबर कहीं किसी कोने में दिख जाए....खबर का शीर्षक कुछ इस तरह से हो सकता है...सिर में चोट लगने से मजदूर ने दम तोड़ा....बहुत मुमकिन है कि तीन चार लाइनों की ये खबर अखबार में फिलर (खा... [पूरी पोस्ट]
writer मिहिर
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[13 Jun 2009 18:38 PM]

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