यही मर्दानगी है
कभी लगता है कि औरतें उनके पीछे पड़ गईं हैं। पर अगले ही पल वे औरतों के पीछे पड़ते नजर आने लगते हैं। जब भी औरतों को एक तिहाई तवज्जो देने की बात उठती है तो वे सेंटी हो जाते हैं। महिला आरक्षण की बात उठते ही पता नहीं क्यों वे खुद उठ खड़े होते हैं। उ...
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डॉ. कमलकांत बुधकर
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[12 Jun 2009 05:52 AM]



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